Festival 2020

रामनवमी 2021 की तारीख व मुहूर्त

राम नवमी की पूजा विधि

आइए जानते हैं कि 2021 में रामनवमी कब है

व रामनवमी 2021 की तारीख व मुहूर्त। मर्यादा

पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मदिवस के उपलक्ष्य

में रामनवमी मनाई जाती है जो कि

भगवान विष्णु के 7वें अवतार थे।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

प्रत्येक साल हिन्दू कैंलेडर के अनुसार चैत्र मास की नवमी

तिथि को श्रीराम नवमी के रूप मनाया जाता है। चैत्र मास

की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक नवरात्रि भी मनाई जाती है।

इन दिनों कई लोग उपवास भी रखते हैं।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

श्री रामनवमी

 हिन्दुओं के प्रमुख त्यौहारों में से

एक है जो देश-दुनिया में सच्ची श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

यह त्यौहार वैष्णव समुदाय में विशेषतौर पर मनाया जाता है।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

1.  आज के दिन भक्तगण रामायण का पाठ करते हैं।
2.  रामरक्षा स्त्रोत भी पढ़ते हैं।
3.  कई जगह भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया जाता है।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें


4.  भगवान राम की मूर्ति को फूल-माला से सजाते हैं और स्थापित करते हैं।
5.  भगवान राम की मूर्ति को पालने में झुलाते हैं।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

राम नवमी की पूजा विधि

राम नवमी की पूजा विधि कुछ इस प्रकार है

:1.  सबसे पहले स्नान करके पवित्र होकर पूजा स्थल पर पूजन सामग्री के साथ बैठें।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें


2.  पूजा में तुलसी पत्ता और कमल का फूल अवश्य होना चाहिए।
3.  उसके बाद श्रीराम नवमी की पूजा षोडशोपचार करें।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें


4.  खीर और फल-मूल को प्रसाद के रूप में तैयार करें।
5.  पूजा के बाद घर की सबसे छोटी महिला सभी लोगों के माथे पर तिलक लगाए।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

पौराणिक मान्यताएँ

श्री रामनवमी 

की कहानी लंकाधिराज रावण से शुरू होती है।

रावण अपने राज्यकाल में बहुत अत्याचार करता था।

उसके अत्याचार से पूरी जनता त्रस्त थी,

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

यहाँ तक की देवतागण भी, क्योंकि रावण

ने ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान ले लिया था।

उसके अत्याचार से तंग होकर देवतागण भगवान

विष्णु के पास गए और प्रार्थना करने लगे।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

फलस्वरूप प्रतापी राजा दशरथ की पत्नी कौशल्या की

कोख से भगवान विष्णु ने राम के रूप में रावण को परास्त करने हेतु जन्म लिया।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

तब से चैत्र की नवमी तिथि को रामनवमी के रूप

में मनाने की परंपरा शुरू हुई। ऐसा भी कहा जाता है

कि नवमी के दिन ही स्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना शुरू की थी।

पूजा का समान सस्ते दामो में खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

WHY BUY FROM TIMESHOPEE?
Like Us On Facebook
Follow Us On Instagram


Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *