जमुनिया रत्न शनि दोष को शांत करता है। ऐसे में इसे शनिवार के दिन धारण करना चाहिए। शनिवार की सुबह स्नान के बाद शनिदेव की पूजा करें। फिर जमुनिया रत्न की अंगूठी को गंगाजल में डुबोकर रख दें। इसके बाद शनि देव के मंत्र 'ऊँ शं शनैश्चराय नम:' का जाप 108 बार करें। मंत्र जाप के बाद अपने दाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में पहन लें।
रत्न शास्त्र के अनुसार, जमुनिया रत्न को पहनने वाले व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। अपने काम में मन लगने लगता है। साथ ही शनि दोष के कारण होने वाली घुटने, कंधे या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से मुक्ति दिलाने में भी ये रत्न सहायक माना जाता है।