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Bhairav Kangan 100% Pure Silver Ashtbhairav Kangan By Timeshopee

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Details

Bhairav Kangan 100% Pure Silver Ashtbhairav Kangan By Timeshopee

भैरव कंगन को सिद्ध करने की विधि :
अष्टभैरव की जानकारी :
असितांग भैरव - पूर्व दिशा पर शासन करते हैं और उनकी पत्नी ब्राह्मी है और एक सवारी के रूप में एक हंस है। वह अपने भक्तों को रचनात्मक कौशल हासिल करने का आशीर्वाद देते हैं।
रुरु भैरव या गुरु भैरव - दक्षिण-पूर्व में शासन करते हैं और उनकी पत्नी माहेश्वरी हैं और उनकी सवारी एक बैल है। वह अपने भक्तों को एक सफल जीवन जीने के लिए सर्वोच्च, दिव्य ज्ञान का आशीर्वाद देते हैं।
चन्द्र भैरव - दक्षिण दिशा की रक्षा करते हैं और मोर की सवारी करते हैं। उनकी पत्नी कौमारी हैं और विरोधियों पर सफलता प्राप्त करने के लिए अपने भक्तों को अविश्वसनीय ऊर्जा प्रदान करती हैं।
क्रोध भैरव - दक्षिण पश्चिम दिशा पर शासन करते हैं, और वैष्णवी उनकी पत्नी हैं। चील उनका सवारी है और जीवन में बड़ी उपलब्धियों के लिए शक्ति और साहस देता है और मजबूत कार्रवाई भी करता है।
उन्मत भैरव - पश्चिम दिशा की रक्षा करते हैं, वरही उनकी पत्नी हैं और उनका सवारी एक घोड़ा है। वह क्रोध, वासना, अहंकार, अहंकार और संकीर्णता जैसे आंतरिक शत्रुओं को कुचल देता है जो बाहरी शत्रुओं से अधिक खतरनाक होते हैं।
कपाली भैरव - उत्तर पश्चिम की रक्षा करता है। उनका सवारी हाथी है और इंद्राणी उसकी पत्नी है। वह लक्ष्यहीन भक्तों को सोचने में मदद करता है और उन्हें वापस पटरी पर लाता है।
भीषण भैरव - उत्तर दिशा पर शासन करते हैं, चामुंडी उनकी देवी हैं और वह एक शेर की सवारी करते हैं। वह अपने भक्तों को बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से राहत पाने के लिए प्रेरित करता है, सकारात्मक वाइब्स प्रदान करता है जो एक शांतिपूर्ण और सफल जीवन की ओर ले जाता है।
संहार भैरव - उत्तर पूर्व दिशा के लिए जिम्मेदार हैं और उनकी पत्नी चंडी हैं। वह सभी पिछले कर्म मुद्दों को खत्म करने में मदद करता है।
फायदे :
यह शक्तिशाली मंत्र जप अहंकार, घृणा, काम, क्रोध, विलंब और लोभ जैसे आंतरिक शत्रुओं का नाश करता है। इन सभी भैरवों के नेता काल भैरव हैं, जो समय के देवता हैं और यह उन्हें भी प्रसन्न करते हैं। इसलिए वह भक्तों को व्यावसायिक लाभ, व्यवसाय में वृद्धि और भौतिक सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए एक अच्छा समय देते हैं। यह तनाव को दूर करने में मदद करता है,
सामग्री:
• अष्टभैरव मूर्ति या फोटो या यन्त्र
• संस्कारित काले हकिक की माला
• दिशा उत्तर
• आसन काला
• समय रविवार रात्रि 8 बजे के बाद से प्रारंभ
• थाली में काले कपडे पर कंगन रखे उसको तिलक करे उसके एक कोने पर चावल एक कोने पर 2 निम्बू एक कोने पर काली सरसों और एक कोने पर 2 लौंग लड्डू का भोग
• तिल के तेल का दीपक 4 मुखी , धुप , अगरबत्ती
• गुलाब व् गेंदे के पुष्प
1.ॐ गं गणपतये नमः
2.गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।।
3.ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्
•नमस्कार मंत्र-
1. ॐ श्री भैरव्यै ,
2. ॐ मं महाभैरव्यै ,
3. ॐ सिं सिंह भैरव्यै ,
4. ॐ धूं धूम्र भैरव्यै,
5. ॐ भीं भीम भैरव्यै ,
6. ॐ उं उन्मत्त भैरव्यै ,
7. ॐ वं वशीकरण भैरव्यै ,
8. ॐ मों मोहन भैरव्यै |
•संकल्प करे :
हाथ में जल लेकर बोले में अपना नाम , पिता का नाम , गोत्र , स्थान यह संकल्प लेता हु की 1 दिनों में अष्टभैरव कंगन को सिद्ध करने के लिए पूर्ण विधि विधान से , पूर्ण विश्वास व् निष्ठता के साथ मंत्र जप करूँगा कृपया करके मेरे इस कार्य को सिद्ध करे
•पहले दिन 11 माला का जाप
ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकालभैरवाय नमः
अष्टभैरव मंत्र जाप :
दुसरे दिन 11 माला का जाप, असितांग भैरव :
ॐ ह्रीं हरां ह्रीं ह्रुं
जाम कलाम क्लीम क्लुम
ब्राह्मी देवी समत्याय असिथंग भैरवय
सर्व शाप निवर्त्थय
ॐ ह्रीं फट स्वाहा
तीसरे दिन 11 माला का जाप, रूद्र भैरव :
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं
श्रीम श्रीं क्लीं श्रीम
सर्व राजा वशीकरण सर्व जन मोहनाय
सर्व वश्य शीग्राम शीग्राम
श्रीं क्लीं श्रीं स्वाहाः
चौथे दिन 11 माला का जाप, चन्द्र भैरव :
ॐ ह्रीं सर्व शक्ति रूपाय नीला वर्णाय
महा चंदा भैरवय नमः
पांचवे दिन 11 माला का जाप, क्रोध भैरव :
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं
सर्व विघ्न निवारणाय महा क्रोध भैरवय नमः
सातवे दिन 11 माला का जाप, कपाली भैरव :
ॐ ह्रीं क्रीं ह्रीं श्रीम
कपाल भैरवय नमः
आठवे दिन 11 माला का जाप, भीषण भैरव :
ॐ ह्रीं भीषण भैरवय
सर्व साबा निवारणाय:
मामा वाशम कुरु कुरु स्वाहाः
नौवे दिन 11 माला का जाप, संघार भैरव:
ॐ नमो भगवते समारा भैरवय
भूता प्रेत पिसाका ब्रह्म रक्षासन उक्काय्या उक्काय:
सम्हाराय समराय सर्व भया चेदानं कुरु कुरु स्वाह:
दसवे दिन दशांश हवन सभी की 1 माला की आहुति
ग्याहरवे दिन गणपति जी का ध्यान करके, गुरु जी का ध्यान करके, पितृ देवता का ध्यान करके, अष्टभैरव का ध्यान करके कंगन को 21 बार दीपक के ऊपर से उसार कर धारण करे

 

Purity: 100% Original Kangan Material Without Fake Rubber

Made By Jewelers In Pure Silver For Long Life Wearing.